इस्लाम में नारियों के अधिकार Hindi/Urdu लेक्चर जाकिर नायक watch
Download Lecture Book in Hindi इस्लाम में औरतों (नारियों) के अधिकार
Urdu Link: اسلام ميں خواتين کے حقوق ---جدید یا فرسودہ
English text http://www.ilovezakirnaik.com/womenrights/index.htm
WOMEN'S RIGHTS IN ISLAM Watch Part-1 to 21
Part-2
Part-3
Part-4
Part-5
Part-6
Part-7
Part-8
Part-9
Part-10
Part-11
Part-12
Part-13 - sawal/jawab (Pehla Bible se Doosra sawal Maan baap ke huqooq+Teesar Biwi/Sohar ka marna peetna
Part-14 Ahmadi/ Qadiyani bare men jawab + aurton ka brabar darja Programme men
Part-15 (dharm/humanity-insaniyat honi chahiye ka jwab), Doosra jawab ke Quran men waqt ke hisab se badlao hona chahiye?
Part-16 (डेमोक्रेसी, औरतें ) ,, तलाक और फिर उसी से शादी का मामला, हलाला,
Part-17 तलाक Talaq ke baad aurat ko Kiya milta he+ Musalmaan hindu se shaadi kiyon nahin ho sakti ka jawab
Part-18 Musalmaan ki hindu se shaadi kiyon nahin ho sakti (English)+ Kafir काफिर shab ka kiya matlab jawab अरूण शौरी की चालाकी का जवाब,,
Part-19 कृष्ण अर्जुन को नपुंसक कहते हैं,,, जिहाद,,, अरूण शौरी ने नहीं पढी भगवत गीता + shaadi ki age,bhaagna,,, maan baap ki ijazat,,
Part-20 Makka men Pooja.. मक्का काबा में पूजा,,पत्थर की पूजा का जवाब,, only 2 Festival in islam, सूद, ]] Intrest, teesra sawaal aurten aur masjid औरतें मस्जिद में जा सकती हैं]] idgah men jana chahiye
Part-21 -- Last Video
Aurat ko Talaq haq , Talaq ke 5 tareeqe
सगे भाई से मना लेकिन कजिन से शादी First cousin shaadi
Aakhri SawaL, ,,,
1-पुरुष स्त्रियों से श्रेष्ठ हैं
ReplyDeleteइस्लामी मान्यता है कि अल्लाह ने पुरुषों को श्रेष्ठ और स्त्रियों को हर प्रकार से निकृष्ट बनाया है . इसलिए स्त्रियों को समान अधिकार नहीं दिए जा सकते ,क्योंकि कुरान में लिखा है ,
-पुरुषों को स्त्रियों से ऊंचा दर्जा प्राप्त है " सूरा -बकरा 2 :228
पुरुष स्त्रियों से श्रेष्ठ है , क्योंकि अल्लाह ने उनको बडाई दी है " सूरा निसा 4 :34
2-औरतें अय्याशी का साधन
इस्लाम स्त्रियों को मनुष्य नहीं , उपभोग की ऐसी वस्तु मानता है .पुरुष जिसका जैसा भी चाहे उपयोग कर सकता है . और दिल भर जाने पर बिना कारण ही औरत को तलाक नयी औरत ला सकता है .यह अल्लाह ने कहा है
तुम्हारे लिए आजादी है कि, तुंम दो दो , तीन तीन और चार चार शादियाँ कर लो "सूरा -निसा 4 :3
तुम जब चाहो अपनी औरतों को छोड़ कर दूसरी औरतें रख सकते हो " सूरा 4 :20
तुम जब चाहो अपनी औरतों को तलाक दे सकते हो .तुम्हें अल्लाह ढेरों नयी औरतें दे देगा और रब के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है "सूरा -अत तहरीम 66 :5
3-महिलाविरोधी अँधा कानून
इस्लामी कानून के चलते स्त्रियों को न्याय कभी नहीं मिल सकता .जब तक कुरान में यह आयत रहेगी
यदि औरतें व्यभिचार में पकड़ी जाएँ और अपने पक्ष में चार गवाह पेश न कर सकें , तो उनको घर में तब तक बंद रखो जब तक वह ( भूखों ) न मर जाएँ "
सूरा -निसा 4 :15
यदि स्त्रियाँ अश्लील काम करती पायी जाएँ तो उनको दोगुनी सजा दी जाये "सूरा -अहज़ाब 33 :30
4-पत्नी को पीटना जायज है
मुसलमान अपनी जनसंख्या बढ़ा कर विश्व पर राज्य करना चाहते है , और औरतों को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं .और यदि औरत सहवास से मना करती है . तो पुरषों को उसे मारने पीटने का अधिकार है ,यही कुरान और हदीस कहती हैं
रसूल ने कहा है , यदि कोई व्यक्ति अपनी औरत की पिटायी करता है , तो उस से इसके बारे में कोई सवाल नहीं किया जा सकता "
अबू दाऊद -किताब 11 हदीस 2142
तुम हाथों से एक कोई टहनी तोड़ लो .और उस से औरत की पिटाई करो " सूरा -साद 38 :44
एक औरत रसूल के पास फरियाद लेकर गयी और बोली कि मेरा पति मुझे बिना बात पर ही बुरी तरह से मारता रहता है . उसने रसूल को अपने शरीर मार पीट के जख्म ,और त्वचा पर पड़े हुए नीले हरे सूजन के निशान भी दिखाए .लेकिन रसूल ने उसकी विनती पर कोई ध्यान नहीं दिया और हंसते हुए उस औरत से कहा जाओ उसी पति के पास वापिस जाओ . और उसकी वासना को संतुष्ट करो .यही मेरा निर्णय है ."
सही बुखारी - जिल्द 7 किताब 72 हदीस 715
आयशा ने कहा कि रसूल को मेरा बाहर जाकर किसी से मिलना पसंद नहीं था . और जब भी मैं किसी कारण से बाहर जाती थी ,तो वापिस आते ही रसूल मेरी छातियों पर इतनी जोर से घूंसे मारते थे कि मुझे कई दिनों तक दर्द होता रहता था "सही मुस्लिम -किताब 4 हदीस 2127
आयशा और हफ्शा ने कहा कि रसूल के ससुर अबू बकर और उमर जब भी किसी बात से नाराज हो जाते थे , तो उनको बुरी तरह से पीटते थे. यह बात सुन कर रसूल बहुत खुश हुए " सही मुस्लिम -किताब 9 हदीस 3506
5-स्त्रीशिक्षा का शत्रु इस्लाम
इस्लाम चाहता है कि स्त्रियाँ सिर्फ घर के अन्दर रहकर नमाज पढ़ती रहें और बच्चे पैदा करती रहें .और आधुनिक शिक्षा से दूर रहें .क्योंकि यदि स्त्रियाँ शिक्षित हो जाएँगी तो इस्लाम की पोल खुल जाएगी .इसी डर से तालिबान ने मलाला नामकी लड़की को गोली मारी थी .इसके पीछे कुरान की यह आयत है ,
स्त्रियाँ बस घर में रहें और सजधज न करें और नमाज पढ़ती रहें "सूरा -अहजाब 33 :33
6-परिवार का शत्रु इस्लाम
सभी धर्मों में परिवार के सभी सदस्यों का यथायोग्य आदर और सम्मान करने की शिक्षा दी गयी है . लेकिन इस्लाम परिवार के उन सभी लोगों को शत्रु मानने की शिक्षा देता है , जो रसूल की बेतुकी बातों का विरोध करते हों .
हे ईमान वालो तुम अपने माँ बाप और भाइयों को अपना मित्र नहीं बनाना यदि वह मुसलमान नहीं बनते "सूरा -तौबा 9 :23
तुम उन लोगों को अपना मित्र नहीं मानो , जो रसूल के विरोधी हों .चाहे वह उनके बाप ,बेटे , सगे भाई या घराने के लोग ही क्यों न हों "सूरा -मुजादिला 58 :22